उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला अरबों की जमीन देश डाली है बट पॉलिटेक्निक स्कूल ने अवैध रूप से आज जांच हो जाए सीबीआई की तो तमाम सफेदपोश जेल के भीतर होंगे
August 29, 2019 • UPMA SHUKLA

प्रदीप दीक्षित की विशेष रिपोर्ट   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके महानगर में स्थित हैबिट पॉलिटेक्निक स्कूल के कथित मालिकों और शासन-प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर स्कूल की लगभग 60 बीघा जमीन में से 40 बीघा जमीन पोंटी चड्ढा गिरोह को 100 करोड़ में बेच डाली और वहां पर महानगर और डांडिया बाजार के बीच में बहुमंजिला इमारतों की एक श्रृंखला खड़ी कर दी गई रात दिन इस कदर काम हुआ लगता था जैसे युद्ध स्तर पर सरकार कोई बहुत बड़ा प्रोजेक्ट बना रही है जबकि यह केवल पोंटी चड्ढा गिरोह का एक खतरनाक अवैध कारोबार हो रहा था बाद में उसमें तमाम लोग शामिल होते गए सांसद सरकार सभी लोगों ने उसमें फ्लैट लिए पैसा लिया क्योंकि महानगर की जमीन प्रदेश की सबसे महंगी जमीन है वैसे भी है बच्चे स्कूल के लोगों ने पहले भी आधी से ज्यादा जमीन को पेट्रोल पंप गैस गोदाम शादी लाल इत्यादि के नाम पर लाखों रुपए महीने पर किराए पर उठा रखा था इस जमीन की बिक्री का विरोध स्कूल के एक दलित कर्मचारी ने करना शुरू किया उसका नाम था राजेंदर उसको स्कूल प्रशासन ने निलंबित कर दिया कई मुकदमे लगवा दिए  उसको बुरी तरह प्रताड़ित किया जाने लगा पुलिस से और प्रशासनिक तौर पर उसको इस कदर तंग किया जाने लगा कि वह जमीन के मामले में बोलना छोड़ दें इसी बीच उसका साथ देने के लिए महानगर क्षेत्र के सभासद आरडी शुक्ला साथ आ गए और सूचना के अधिनियम के माध्यम से उस जमीन के विषय में सूचना मांगने लगे अब तो प्रशासन उनका और स्कूल राजेंद्र आरडी शुक्ला की जान का दुश्मन हो गया लेकिन फिर भी यह दोनों लोग 5 साल तक लगातार जमीन बचाने के लिए लड़ते रहे क्योंकि यह अवैध रूप से सरकार द्वारा अधिग्रहित करवाई गई थी और यह जमीन कथित मालिक अस्थाना बंधु जिस तरह बेच रहे थे नहीं भेज सकते थे अचानक इसी बीच आरडी शुक्ला जी को कुछ वकील माफियाओं ने रात को उठा लिया और जबरन उनके सीने पर पिस्तौल रखकर इस मामले में ना बोलने की हिदायत दे दी क्योंकि वह अकेले रहते थे कुछ कर भी नहीं सकते थे लेकिन हिंदुस्तान अखबार ने इस वारदात की खबर छपी और ना तो तत्कालीन सरकार ने साथ दिया ना ही भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां तक कि उनके अपराधियों ने राजेंद्र को भी घेर लिया यह इतना बड़ा मामला चल रहा था प्रदेश स्तर का किस इसमें ऊपर सरकार से लेकर नीचे सिपाही तक को इतना पैसा दिया गया कि कोई भी हाथ रखनेे को या इसकी जांच करने को तैयार नहीं होता था बहुत मुश्किल से राजेंद्र और आरडी शुक्ला अपनी जान किसी तरह बचाने लगे जो कि सरकार उनके साथ मिल गई पॉन्टी चड्ढा सहित तमाम बड़े बिल्डर प्रदेश की बेशकीमती इस जमीन के पीछे पड़ गए और राजेंद्र और आरडी शुक्ला के पीछे काले कोट वाले कथित अपराधी लग गए यहीी नहीं एक रात आरडी शुक्ला जी को डालीी बाग से चौपटिया उठा ले जाया गया और कहां गया यह पिस्तौल हथियार देखने के लिए नहीं है हट जाओ इस मामले से आखिर में जीत तो पैसे वालोंं की होती है सरकार भी उनकी थी शुभ हो जबरन जमीन 100 करोड़ में एक रात में बेच दी गई कुछ ना कर पाए ईमानदार राजेंद्र और आरडी शुक्ला अब जब प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला हो चुका है आज वहां हजारों फ्लैट बन चुके हैं और अगर सरकार प्रदेश की सरकार योगी जी की सरकार केंद्र की मोदी जी की सरकार एक बार इस मामले की जांच करवा ले सीबीआई से तो निश्चित तौर पर यह मामला प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन का घोटाला निकलेगा और यह पता नहीं कितने सौ करोड़ का होगा इतना बड़ा घोटाला प्रदेश के किसी कोने में आज तक नहीं हुआ होगा प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे कीमती जमीन महानगर की है और वहां पर 40 बीघा जमीन का या खेल बहुत ही बेतुके ढंग से पूरी तरह अव्यय किया गया यह जमीन बेची नहीं जा सकती थी आज आधी जमीन स्कूल की बची है उसमें भी पेट्रोल पंप तमाम हिस्सा किराए पर दिया जा चुका है अगर यह जमीन बेची ना गई होती तो शायद बहुमंजिला इमारतों की जगह वहां इतना सुंदर कॉलेज और स्कूल बनता कि जिसमें हजारों लाखों छात्रों की जिंदगी बन जाती लेकिन इन बेईमान स्कूल के कथित मालिकों ने जिनको कि यह जमीन सरकार ने अधिग्रहित करवा कर दी थी बेच डाली योगी सरकार को चाहिए  योगी सरकार को चाहिए कि वह  जो काम राजेंद्र बाबू और आरडी शुक्ला नहीं कर पाए वह यह कर डालें बहुत बड़े-बड़े सफेदपोश लोग इस मामले में फंसे हुए हैं योगी मोदी जीी को चाहिए कि सपाा बसपा सरकार के इतने बड़े घोटालेे को जनता के सामने लाएं  और यह स्पष्ट करें कि उस समय लखनऊ में जब इतना बड़ा जमीन घोटाला हो रहा था तो उसके पीछे कौन-कौन कौन लोग प्रमुखता से थे किन-किन को इस इमारत मेंंंं फ्लैट मिले हैं काफी लोग नंगे हो जाएंगे कम से कम योगीी और मोदी जी को इतने बड़े घोटाले का पर्दाफाश अवश्य करना चाहिए आश्चर्य तो इस बात का है कि जिस समय यह घोटालााा रहा था  मीडिया भी चुप बैठा था वैसे भी देश में जब जब बड़े घोटाले हुए मीडियाा उस समय चुप रहा जब लोगों ने आवाज लगानी शुरूू की तब मीडिया भी बोला क्यों नहीं आज तक किसी घोटाले को मीडियाा मैं उस समय उठाया जब घोटाला हो रहा था जब राजेंद्र बाबू और आरडी शुक्ला सताया जा रहे थे  क्यों नहीं बोला था मीडिया लेकिन योगी जी और मोदी जी पर जनता को पूरा भरोसा है कि वह इस घोटाले का पर्दाफाश कराने के लिए निश्चित तौर पर सीबीआई जांच करवाएंगे हाालत तो यह है तमाम इस घोटाले में शामिल लोग अच्छे-अच्छे पदों पर बैठ गए हैं कम से कम उनको तो सबक मिलेगा इस घोटााले की और ध्यान देकर योगी जी कार्रवाई करें यह  प्रदेश का बहुत बड़ा जमीन का घोटाला है