जो माला कुलदीप सेंगर और यह उनको पहनाई जानी थी वह मेरे गले में आ गई यही है भगवान का चमत्कार
August 4, 2019 • UPMA SHUKLA

 

आप माने ना माने लेकिन इस सत्य है कि भगवान चमत्कार करता है इंसान उसे देख नहीं पाता समझ नहीं पाता पिछले 2018 में मैं मेरा शिष्य प्रदीप दिक्षित और मित्र विनोद जी के काम से दिल्ली गए हुए थे वहां से लौटते समय आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हम लोग बहुत तेज प्यास लगी रास्ते में उस समय कुछ नहीं था बहुत ज्यादा ट्रैफिक भी नहीं था जो बहुत व्याकुल होने लगे हमारे शिष्य ने कहा कि हमने जाते समय बांगरमऊ के हवाई पट्टी के पास एक होटल जैसा कुछ देखा था वहां पानी मिल जाएगा और जब लखनऊ 65 किलो मीटर बचा तो हम लोगों को एक मंदिर दिखाई दिया और एक चाय की दुकान वहां उन्होंने गाड़ी रोकी और जब नीचे मंदिर की तरफ गए तो वहां पानी पिया इसी बीच वहां के मठाधीश बाबाजी हम लोगों को मिल गए उन्होंने बैठल के हम लोगों की काफी खातिरदारी की काफी मित्रता भी हो गई रात गए तक वह खाना खिला कर हम लोगों को भेजा यही नहीं उन्होंने घर तक के लिए भी खाना बना दिया बनवा दिया गोसाई धाम बाबा जी का मंदिर है वह हमने उनसे कहा कभी कोई हमारे लायक सेवा हो तो लखनऊ में आकर बताइए मैंने उनको फोन नंबर पता दे दिया और लखनऊ चले आए 2018 मार्च के महीने में बाबा जी मेरे घर पहुंचे कई लोगों के साथ उन्होंने कहा की 2 अप्रैल 2018 से 12 तारीख तक हमारे यहां यज्ञ होना है हवन हवन होगा पूजन पाठ होगा रामलीला होगी मूर्ति स्थापना होगी जिस की प्राण प्रतिष्ठा होनी है अंबिका ठीक है बाबा जी अगर हो सब मिला तो मैं जरूर आऊंगा तो उन्होंने एक पोस्टर निकाला और हमको देते हुए कहा किस का प्रचार करवा सके तो करवा दें मैंने का बाबा जी बस मैं इतना ही काम कर सकता हूं जिस जिस प्रेस पर बंद पड़ेगा मैं करवा दूंगा उस पोस्टर में सबसे प्रमुख व्यक्ति कुलदीप सेंगर की फोटो बहुत बड़ी-बड़ी छपी थी और वह यज्ञ रक्षक बनाए गए थे मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं था हमने तो करवा दूंगा काम 2 अप्रैल से यज्ञ होना था उस बीच कुछ बड़े प्रसव जैसे जागरण हिंदुस्तान इत्यादि में मैंने उनकी खबरें प्रकाशित करवा दी बाबाजी के लगातार जिद्द करने पर 2 तारीख को उनके आश्रम पहुंच गया उस दिन शुरुआत हो रही थी सब ठीक-ठाक कार्यक्रम हुए उसके बाद दूसरे दिन तीसरे दिन से वहां रामलीला होनी थी सोमवार रात को पहुंचा की रामलीला देख कर सुबह चले आएंगे लेकिन वहां रामलीला नहीं हो रही थी वहां सन्नाटा मचा था बाबा जी परेशान टहल रहे थे पप्पू टीचर परेशानी बता तो रहे नहीं थे लेकिन इतना बताया की रामलीला वाले आए नहीं है सब हमारा कार्यक्रम गड़बड़ हो रहा है हमने कहां कहां है रामलीला वाले बोले जो रामलीला का इंतजाम कर रहे थे वह लोग किसी लफड़े में फंस गए हैं रामलीला वाले लखनऊ में कहीं पर रामलीला कर रहे गोमती नगर में मेरे पास गाड़ी सी मेरे मित्र की ड्राइवर था हमने का बाबाजी धर्म का काम है मैं आपकी मदद करूंगा आप रात को ही चलो हमारे साथ रामलीला वालों से बात कर लेते हैं बाबा जी ने कहा कि मेरी बहुत बेज्जती हो रही है और गांव के लोग सिर्फ रामलीला के लिए लालायित रहते हैं अगर नहीं होगी तो हमारी इज्जत चली जाएगी मैंने तुरंत उनको गाड़ी में बैठा ना रात 12:00 बजे गोमती नगर पहुंचा गोमती नगर के एक गांव में रामलीला चल रही थी हम लोग 12:01 बजे पहुंचे थे 3:00 बजे जब राम लीला खत्म हुई तो उनके मालिक से हमने बात की हमने का कल से बांगरमऊ में हमारे यहां आश्रम में आप रामलीला करें क्योंकि गोमती नगर में आखिरी दिन था रामलीला का उन्होंने हमारे प्रेम व्यवहार को देखते हुए पैसा भी कम कर दिया और कहां कल हम निश्चित वहां पहुंच जाएंगे उनकी रामलीला भी बहुत सुंदर थी हम लोगों ने देखी दूसरे दिन ही वह पहुंच गए और रामलीला शुरू हो गई क्योंकि जिन लोगों को यह सब व्यवस्था करनी थी वह सभी लोग उन्नाव दुष्कर्म कांड के अभियुक्त बन गए थे और भागे भागे घूम रहे थे हमारा कोई मतलब तो था नहीं मेरा मतलब बाबा जी और धार्मिक कार्यक्रम में आए व्यवधान को दूर करना था रामलीला शुरू होने के बाद बाबा जी प्रसन्न हो गए और वहां धूमधाम से कार्यक्रम होने लगा मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई मैं मौजूद था पूरे क्षेत्र में भ्रमण करके उन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई और रात को रामलीला होती थी रामलीला के आखिरी दिन 12 तारीख को मैं चुपचाप वहां बैठा हुआ था मैं वहां किसी को जानता नहीं था और ना कोई मिला बाबा जी के अलावा परिचित था लेकिन अचानक बाबा जी ने मुझे मंच पर बुला लिया और फिर उनके शिष्यों ने मेरे गले में हार डाल दिया यह हार वास्तव में कुलदीप जी के गले में पढ़ना था लेकिन भगवान का चमत्कार देखिए क्यों मेरे गले में पड़ गया मैंने जितने दिन कार्यक्रम चला बाबाजी का पूरा सहयोग किया और उसी बीच सिंगर साहब और उनका पूरा गिरोह उन्नाव दुष्कर्म कांड में फस गया जिस दिन मैं मंच में माला पहन रहा था उसी दिन सिंगर साहब गिरफ्तार कर लिए गए मुझको इन सब चीजों से कोई लेना देना नहीं था मैंने आप अपने जीवन में सत्य को जान रखा है अपराध संवाददाता था हमेशा घटना दुर्घटनाओं में ही जाता था उन्हीं सब चीजों को देखते हुए यह मान चुका था कि आदमी खाली हाथ आता है खाली हाथ जाता है बस अगर कुछ बसता है तो वह होता है आदमी का नाम मैं अपराध संवाददाता के टाइम से ही सिंगर साहब को जानता था लेकिन कभी मिला नहीं था वह हमारे यहां स्वतंत्र भारत के संवादाता भी रहे हैं उन्नाव के उनके यहां अक्सर हमारे प्रेस के लोगों की दावते हुआ करती है वहां के पक्षी विहार में खूब खाना पीना हुआ करता था लेकिन मुझसे नहीं पढ़ती थी उनकी क्योंकि मैं दारु नहीं पीता था और दूसरी चीज वह रिवाल्वर लगाकर प्रेस कार्यालय में आते थे जो मुझे अच्छा नहीं लगता था मेरी बातचीत भी नहीं होती थी लेकिन हमारे यहां के संपादक वरिष्ठ लोग उनके यहां जाया आया करते थे उन्नाव उनकी और उनके परिवार की प्रेस की वजह से  ऐसी हैसियत बनी कि वह विधायक हो गए हमको इन सब चीजों से मतलब नहीं था इस तरीके से हमारे यहां चार 500 रिपोर्टर थे ओ से कस्बों से खबरें भेजा करते थे जो लालची लोग थे हमारे यहां उनको यह बुलाकर दावते दिया करते थे वह लोग जाते भी थे मैं कभी नहीं गया मैं झूठ बोलता नहीं अपराधियों से मेरा कोई रिश्ता नहीं रहा बेईमान भ्रष्टाचारियों से मेरा कोई लेना देना नहीं रहा हां पुलिस से मेरा संबंध रहा कोई पुलिस को मुखबिर ही नहीं करता था पुलिस के कार्य को देखकर उनकी मुसीबतों को देखकर उनकी जलालत को देखकर उनसे हमें हमदर्दी हो गई थी आप खुद देखें भगवान के चमत्कार कैसे होते हैं ना तो मेरा किसी परिचय पोस्टर में नाम था नहीं मैं वहां किसी कार्यक्रम का आयोजक था और ना ही मैं किसी को जानता था लेकिन कार्यक्रम के अंत तक वहां का हीरो मैं बना पूरे क्षेत्र में मूर्तियों को लेकर घूमा मूर्ति स्थापना करवाई रामलीला करवाई यज्ञ करवाया बाबा जी का संपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम  जो संकट में फंस गया था उसको मैंने पूरी सफलता से करवा दिया और उसके बाद से आज तक में नहीं गया फिर इधर बाबा जी मुझे बहुत बुलाते हैं बहुत चाहते हैं लेकिन हार्ड अटैक की वजह से नहीं जा सका इसी को कहते हैं होनी वैसे भी मैं बेईमान भ्रष्टाचारियों और अपराधियों से कोई रिश्ता नहीं रखता ना ही मेरे ऊपर कोई मुकदमा या कैसी है ना ही धन कमाने की लालसा थोड़ा है थोड़े की जरूरत है अब 70 साल का हो गया हूं 40 साल अपराध संवाददाता रहा विश्वविद्यालय में पड़ा प्रदेश भर के चोर बेईमान भ्रष्टाचारियों अपराधियों को जानता हूं उनके कर्मों को जानता हूं मेरा पुलिस से वास्ता है पुलिस मेरी दोस्त है वह भी मुखबिरी के लिए नहीं उनकी मेहनत उनकी मशक्कत को देखकर उनसे मुझको हमदर्दी है और उनको भी मुझसे हमदर्दी है क्योंकि मेरा काम ही था चोर सिपाही का खेल खेलना उनसे मिलना खबर लेना अखबार में छाप ना यही मेरी रोजी-रोटी थी कभी किसी के साथ गलत नहीं किया सबकी मदद की आज उसी का परिणाम है कि मैं सभासद भी चुन लिया गया था पत्रकारिता में भी नाम कमाया अधिवक्ता की हैसियत से वकालत की उसमें भी उच्च स्तर पर रहा आज सरकार की शरण में हूं और इत्तेफाक की बात है कि इस समय देश में मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री में हो गया है और एक साधु योगी उत्तर प्रदेश चला रहा है यह लोग 70 साल से सड़क पर थे अब इनको जब मौका मिला है तो सुंदर कार्य करके दिखा रहे हैं चोर बेईमान भ्रष्टाचारी अपराधी परेशान है और हम लोगों को चाहिए क्या भाजपा की सरकार देश को सही रास्ते पर ले जा रही है आगे भी उनकी नियत साफ है हम लोगों ने तो पूरे 50 साल उनको झेला है जिन्होंने अपनी झोली भरी और अपराधियों का साथ दिया भ्रष्टाचारियों का साथ 70 साल की उम्र में सब कुछ देखा और सब कुछ सच्चाई जान गए तो आपसे यही कहना है कि मैं आपको अपने तजुर्बे और अपनी कहानियां इसी नेटवर्क के जरिए सुनाता और पहुंच आता रहूंगा अभी आप हमको एक ही में माफ कीजिएगा तकनीकी खराबी की वजह से हमारी खबरों में गलतियां हो रही है उनको बहुत जल्दी ही मैं सुधार लूंगा उसके लिए माफ करें आगे सब ठीक होगा बस आपसे प्रार्थना है कि मैं बहुत मेहनत करके आपको पिछले 50 साल के किस्से सुनाऊंगा आप हमारी वेबसाइट को पढ़ते रहें और दूसरे कोई पास शेयर करके भेज कर पढ़ाते रहें मैं आपका आभारी रहूंगा वैसे मैं पुस्तक भी लिख रहा हूं क्राइम रिपोर्टर का दर्द वह भी जल्दी आपको पढ़ने को मिलेगी धन्यवाद आरडी शुक्ला आपको तरह तरह की कथा सुनाता रहेगा एक क्राइम रिपोर्टर को कितना सहना पड़ता है जुल्म इसकी भी गाथा बताऊंगा अब मुझे डर किस बात का सब बातें आपके सामने खोल कर रख दूंगा बहुत जल्दी जिससे आप भी बड़े-बड़े खलीफा ओं को पहचान ले मुझे कभी किसी बात का डर नहीं लगा न कभी कोई मुकदमा हुआ ना कभी कोई पेशी हुई साफ सुथरा बैठा हूं इसी तरह आप लोगों से विदा लेकर भगवान के पास चला जाऊंगा ठीक है मैंने पैसा नहीं कमाया थोड़ा है थोड़े की जरूरत  कम से कम दिल में शांति है सकून है कि हमने कोई पाप नहीं किया आज तक उसी की वजह से भगवान देवी मां हर समय मेरी मदद करते हैं आप भी मदद ही कर रहे हैं हमारी मैं आपका बहुत आभारी हूं हमारी वेबसाइट को पढ़ते रहिए और दूसरों को पढ़ाते रहिए धन्यवाद