मोदी और योगी भारत में राम लक्ष्मण और कृष्ण बलराम की तरह राक्षसों का नाश करने के लिए धरती पर अवतरित हुए हैं हालात तो कुछ ऐसा ही बयां कर रहे हैं बाकी नीचे पिछले 70 वर्षों के हालात को देखने के बाद तो ऐसा ही मालूम होता है मुझको
July 1, 2020 • UPMA SHUKLA

 आज मेरी उम्र 70 वर्ष की हो गई है पिछले 70 वर्षों में जो कुछ देखा और जिस तरह से जिंदगी गुजरी वह एक कहानी बनती चली गई लेकिन इस पूरी कहानी बनने  के दौरान हम कुछ भी ना समझ पाए कि आखिरकार धर्म का कितना प्रभाव जीवन में पड़ता है सिर्फ इतना समझ पाए कि हम हिंदू हैं और हमारी रामायण गीता पूज्य ग्रंथ है मंदिरों में जाना चाहिए मंदिर बनाने चाहिए लेकिन इसके अलावा जीवन लीला जिस तरह से बीती रामायण और गीता का एक पेज भी ना पढ़ पाया अभागा ही कहां जाऊंगा लेकिन आपको यह जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि कर्म क्षेत्र में हमने पत्रकारिता चुना और उसमें जी जान से लगातार  जुटा रहा घर परिवार बाल बच्चे सब छूट गए लेकिन मैं राक्षसों से कलम के जोर पर स्वतंत्र भारत अखबार के  जरिए लड़ता रहा और अंत में राक्षसों की जीत हुई मैं हारा मेरा घर बार सब उजड़ गया आज बिस्तर पर पड़ा दवा खाकर जी रहा हूं पत्रकारिता में ईमानदारी सच्चाई का कायल रहा तो एक पैसा नहीं कमा पाया ना ही इच्छा हुई किसी कामना की युद्ध भी ऐसा 40 तक लड़ा अपना सब कुछ गवा बैठे कारण था राक्षस सत्ता पर बैठे हुए थे आज निसंकोच कह रहा हूं यह तो कभी कल्पना भी नहीं की गई थी पिछले 70 सालों में हमने तो कभी सोचा भी नहीं था मोदी और योगी जैसा  साधु सत्ता पर काबिज होगा हम तो सिर्फ यही देखते चले आ रहे थे 50 साल से कि  सत्ता पर जो लोग काबिज हैं वे सिर्फ जनता के पैसे को लूट रहे हैं मैं तो एक साधारण सा पत्रकार हूं मैंने अपनी आंखों से सब कुछ देखा किस तरह पिछले 70 सालों में केवल कुछ परिवार जो प्रदेश में चाहते थे देश में चाहते थे वही करते रहे जिस अपराधी को चाहा बचाया जिसको चाहा मारा जिसने भी सत्ता के खिलाफ बोलने की कोशिश की  वह हालत की गई शिवा दोबारा उनके सामने  सर उठाने लायक नहीं बचा लगभग सच्चे ईमानदार पत्रकार हो वकील हो या जो भी बुद्धिजीवी रहे हो उनको पहले ही तो इतना तबाह बर्बाद कर दिया गया कि वे अपना सर ही ना उठा सके उनके सामने या तो उनकी गुलामी करो उनकी बात सुनो जनता पर उनके द्वारा किए जाने वाले अत्याचार को देख कर चुप रहो नहीं तो किनारे रहो अगर जीना है स्वतंत्र भारत में अपना जीवन चलाना है अपने परिवार का चलाना है हमने तो वह सच्चाई देखी जिसका जिक्र ही बहुत खतरनाक है यहां तक कि हजारों ऐसे निर्दोषों को मुठभेड़ में मार दिया गया जिन्होंने कोई अपराध भी नहीं किया था हां सिर्फ एक अपराध किया था उन्होंने सत्ता के खिलाफ बोलने की हिम्मत की न्याय की लड़ाई लड़ी और उनको बेमौत मारा गया मैं उसका गवा हूं सन 75 से पूरी राजनीति अपनी आंखों से नंगी आंखों से देख रहा हूं इस सरकार ने दोनों हाथ से जनता का पैसा लुटाया और खाया चुनाव में बैलेट पेपर लूट लिए जाते थे यही नहीं हम लोग किराए पर बुलाए जाते थे लखनऊ विश्वविद्यालय से पैसा मिलता था उसी के बल पर सरकार बन जाती थी आज तो ईवीएम मशीन है एक रत्ती बेईमानी नहीं हो सकती होगी तो पकड़ने के लिए तमाम तकनीकी सामने खड़ी है उस समय तो पुलिस भी उनकी बदमाश भी उनके पोलिंग बूथ भी उनका इसीलिए हम लोग उन से लड़ते छात्र जीवन में जेल जाते फिर बाहर आते और जिसने बगावत की उसको जेल में रहना पड़ता था हम लोगों ने बहुत जेल काटी वकालत की वहां का भी यही हाल देखा मीडिया में आए सबसे बड़े अखबार में जिसमें से एक अंग्रेजों का अखबार था द पायनियर और हिंदी कथा स्वतंत्र भारत जो सबसे ज्यादा प्रदेश में बिकता था आजादी की रात निकल रहा था यह अखबार पूरी तरह सरकारी तंत्र के हाथ में था किस तरह का मजाक आज हो रहा है कहा जा रहा है कि आज मीडिया पर सरकार का अधिकार है अरे भाई हमको मालूम है मीडिया पर आज कोई रोक-टोक नहीं है स्वतंत्र है क्योंकि मैंने देखा है पिछली सरकार में किस तरह हम लोगों पर अंकुश रहता था नहीं बेईमानी की सच लिखा राक्षसों अपराधियों का नाश करवाया तो उसका परिणाम आज सड़क पर बिस्तर दाल के बैठे हैं आपातकाल के दौरान लोग पेंशन पाने के लिए पता नहीं क्या-क्या कर रहे हैं लेकिन एक हम लोग थे पूरी सरकार को हिला कर रख दिया हम लोगों ने छात्र थे सरकार को बेवकूफ बनाकर ऐसे ऐसे मीसा बंदियों को छुड़ा लिया जो आज हम लोगों ने तकलीफ से निकाल दिया असली राक्षस राज बताएंगे कि जिनको यह सरकार मरवा देना चाहती थी जेल से बाहर करना ही नहीं चाहती थी असली राक्षस राज सन 80 के बाद शुरू हुआ लेकिन उसी के साथ शुरू हो गया अयोध्या के राम मंदिर का श्री गणेश पहले राम जानकी रथ निकला उसका हम लोगों ने लखनऊ में जमकर स्वागत किया खूब मीडिया में हम लोगों ने उसको महत्त्व दिया पहला झटका राक्षसों को वहां लगा उसके बाद यह  यह राक्षस एकजुट हुए और इन्होंने अयोध्या के मंदिर का विरोध शुरू किया कभी पक्ष में तो कभी  विपक्ष में वोट की राजनीति शुरू कर दी कोई आया उसमें अयोध्या में गोली चलवा दी इत्तेफाक से मैं स्वतंत्र भारत अखबार में था वहां सब देख रहा था कि अयोध्या में हो क्या रहा है हमको तो ध्यान है अयोध्या में गोली चल ना सिर्फ राजनीति वही उनके लिए काल बन गया यह मामला सन 50 के करीब से चल रहा था जब मैं पैदा हुआ और जब मैं जवानों और नौकरी की अखबार की तो यह मसला भी जवान हो गया था  जितने भी जनता ईमानदार सच्ची देश भक्त जैसी थी वह लगातार अयोध्या के आंदोलन और मुकदमे पर साथ में थी आडवाणी जी की यात्रा के बाद प्रदेश में भड़का मंदिर आंदोलन पता नहीं कि कहां तक फैल गया उसका कारण अब तो मैं पूरी तरह से रामायण और गीता के बारे में 70 साल की उम्र में समझ पाया भगवान ने पहले से ही भूमिका इन राक्षसों के लिए बना ली जब उनको राक्षस राज खत्म करना है  इसीलिए यह राम मंदिर का आंदोलन जोर पकड़ता है  और सभी देश के सच्चे ईमानदार इंसाफ पसंद लोग इस आंदोलन के साथ जुड़ते चले गए मैं अखबार में था देखता चला गया खबरें पड़ता चला गया धीरे-धीरे दो सांसद से आज मोदी  जी 300mp लेकर दिल्ली में बैठ गए सरकार बन गई हम लोगों ने अपने जीवन  ऐसी कल्पना भी सपने में नहीं की थी यह सब होते हैं ऐसा लग रहा था जैसे सपना देख रहे हैं इसके बाद जिस तरीके आज राक्षस  गायब हो रहे हैं और देवता के समान लोग सत्ता चला रहे हैं ऐसा कभी अंदाजा भी नहीं था जो कुछ देखा था वह बस बेईमानी लूटमार अराजकता विकास के नाम पर हमारे देश में था क्या जिसको एक परिवार चाहता था बस वही वह करता था वही कमा सकता था वही जी सकता था आज क्या बात है इस 70 साल में ₹100 भी नही कमा सके किसी तरह की कोई तकलीफ तो ऐसी है नहीं जो मिली ना हो हां यह बात जरूर है सन 1990 से जब से भारतीय जनता पार्टी ने जोर पकड़ा राम  मंदिर आंदोलन ने जोर पकड़ा बीच में आ गए अटल बिहारी बाजपेई उन्होंने करतब दिखाया प्रधानमंत्री तक बन गए लेकिन उनको नहीं रुकने दिया इन राक्षसों ने लेकिन वह इतने तेज निकले एक कार्यकाल में ही उन्होंने देश को चमका के रख दिया बदलाव की एक बात शुरू हो गई यह पारिवारिक सत्ता से अलग भी एक दल है जो राज्य कर सकता है और देश को इनसे अच्छा चला सकता है अटल जी ने लखनऊ पकड़ा और हम लोगों ने लखनऊ में अटल जी को भाग्य से मैं उनका और उनके दल का सभासद भी था लेकिन उस तरह का तो नेता था नहीं मैं पत्रकार था सो दूर-दूर सब देखता रहता था अटल जी ने लखनऊ की हालत बदल दी सारा देश लखनऊ  पूरा भारत लखनऊ की ओर देखने लगा एक बार तो इन राक्षसों ने अटल जी को चुनाव हराने के लिए सिनेमा स्टार खड़ा कर दिया और देश के सबसे नामी गिरामी धंधे वाले सहारा जी ने उन पर पैसा लगा दिया पूरे देश से उनके एजेंट लखनऊ में आकर फर्जी वोट डालने के लिए रात को बैठ गए लेकिन हम लोग बहुत  तैयार थे रात को ही पुलिस के बल पर इन फर्जी वोटरों से लाखों की तादाद में जो लखनऊ में आ गए थे लखनऊ खाली करा लिया वरना उस बार निश्चित अटल जी चुनाव हार जाते इसके बाद अटल जी प्रधानमंत्री  बने उन्होंने पूरे देश में सड़कों का जाल बिछा दिया उनको आगे बढ़ता देख इन राक्षसों ने कारगिल तक करवा दिया फिर अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और राक्षसों ने राज संभाल लिया देश का दुर्भाग्य था या यूं कहें कि राक्षसों का अंतकाल था 10 साल में जिस तरीके से लूट जमीनों की लूट घोटालों  घोटालों का कारोबार शुरू हुआ चारों ओर अफरा-तफरी मच गई शरीफ आदमी किनारे बैठ गया इमानदार खोपड़ी पकड़ कर बैठा था गरीब और गरीब हो गया बेरोजगारी बढ़ती चली गई आंकड़े देखे जा सकते हैं  हेलो किस तरह खराब हो चुक हेलो किस तरह खराब  हो गई देश की कुछ समझ में नहीं आ रहा था हम लोगों के चुकी मीडिया में थे इसलिए जिंदा थे जो अपराधी हम लोगों को देखकर भागते थे आज वह एमएलसी एमएलए होने लगे यही नहीं बड़े-बड़े अपराधी मंत्री बन गए जिनको हम लोगों ने बंद कराया था खबरें लिखकर अब हम लोगों के ऊपर मार शुरू हो गई घर बार सब तबाह कर दिया गया बाल बच्चे छोड़ कर भागे जान बचाकर तब किसी तरह जी रहे हैं यह तो करिश्मा चमत्कार अजूबा तब हुआ जब  जब सन् 2014 मे अचानक नाम पता चला नेता नरेंद्र मोदी जी का देखिए भगवान थे कि वह राम के रूप में पैदा हुए भाई उनके लक्ष्मण जी रूप धरा था उन्होंने सन्यासी का वध किया राक्षसों का ठीक उसी   तेरा देखा गया कि कृष्ण बलराम ने जन्म लिया थे यह लोग भगवान इस बार लगता है मोदी और योगी ने इन राक्षसों से लड़ने के लिए भारतीय संविधान के अनुसार राजनीति करके सत्ता हासिल की इतनी जल्दी इतना काम करना हर एक के बस की बात नहीं है 140 करोड जनता का दिल जीतना जहां पूरी तरह से प्रदेश देश में जंगलराज कायम था जनता त्राहि-त्राहि कर रही  थी आंदोलन कर रही थी घोटालों के खिलाफ तमाम नेता दौड़ भाग में लगे थे अपने को इमानदार साबित करने के लिए लेकिन इस बीच जनता ने पहचाना तो नरेंद्र मोदी भाई को उनके चुनाव जीते ही पता नहीं जनता को ताकत कहां से मिल गई और वह जुट गए काम करने में बेईमान राक्षसों को उखाड़ फेंकने में इसी बीच 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनाव हुए यहां भी प्रदेश का मुख्यमंत्री बना भगवाधारी साधु योगी देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठा एक साधु नरेंद्र मोदी तो दूसरा देश के सबसे बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री बना साधु योगी आदित्यनाथ इन दोनों के पास सिर्फ एक अस्त्र है इमानदारी इनके कोई बाल बच्चे भी नहीं है कि यह पैसा खाएंगे इनके सत्ता में आते ही इतना बड़ा परिवर्तन हुआ कि जिसको मैं तो स्वप्न में नहीं सोच सकता था इन दोनों साधु ने जो कारनामे अब तक कर दिखाए हैं उसकी तो कल्पना नहीं की जा सकती थी एक ने उत्तर प्रदेश से जंगलराज उखाड़ फेंका और बड़े साधु मोदी ने देश की दिशा ही बदल दी 70 साल से जो हम लोग देख रहे थे कश्मीर की हालत राम के मंदिर का ना बनना हिंदुओं की हर तरफ से बर्बादी होना सब समाप्त हो गई देश विकास के रास्ते पर तेजी से दौड़ निकला दुनिया में भारत का फिर से नाम हो गया उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन गया आप सोचें मोदी जी और योगी जी का इतना विरोध क्यों हो रहा है क्योंकि अब राक्षसों की नहीं चल रही है वह बेमौत मारे जा रहे हैं उनके कर्ताधर्ता जेल  बंद है जनता खुश है चारों ओर अपने नेताओं को ऐसा देखकर जनता फूली नहीं समा रही है तो दूसरी तरफ अब तक जनता को तबाह करने वाले नेता जी जान से इनके खिलाफ जी जान से षड्यंत्र करने में लगे हैं लेकिन अब जनता पहचान चुकी है आप सोचें आज कौन सा संकट है करोना वायरस का चीन सीमा पर पाकिस्तान  की गतिविधियों का फिर भी हमारे मोदी जी इस संकट में भी भी  वह कितने सहज रूप से कार्य कर रहे हैं इतने बड़े संकट में जो आदमी सफलता से कार्य कर रहा हो जनता के लिए 24 घंटे देने वाले मोदी और योगी के लिए कौन कह सकता है कि अवतार नहीं है 70 साल में क्यों नहीं है सब हुआ मेरी उम्र 70 साल है एक-एक दिन मैंने देखे हैं एक एक काम देखे हैं पत्रकार रहा हूं मुझे तो ऐसी उम्मीद कभी नहीं थी कि मैं अपनी जिंदगी में कभी ठीक दिन देख पाऊंगा हां यह ठीक है कि मैंने ठीक कर्म किए हैं ईमानदारी सेजिया हूं बचपन में मैं वैष्णो देवी मंदिर पिताजी के साथ गया था और मेरे पिताजी ने वही प्राण त्याग दिया था और तब से उन मां के सहारे  पर जी रहा हूं मेरे पिताजी देवी भक्त थे उन्होंने अपने प्राण भी देवी स्थल पर ही हम लोगों के सामने त्याग दिए थे उद्देश के नामी-गिरामी वैद्य थे डॉक्टर से अटल जी ने उनके नाम का एक पुस्तकालय महानगर में बनवा रखा है बस पिताजी के अंत को देखकर दिल में धर्म बैठ गया था इस कारण मैं पत्रकार था कोठी बनवा सकता था लेकिन दिल में छुपी धर्म बैठ गया था इस कारण अधर नहीं कर पाया कोठी की जगह लगभग एक दर्जन बड़े मंदिर बनवा दिए  शहर में शायद ही कोई ऐसा पत्रकार होगा जिसने इतने धार्मिक का किया हो एक बात और बता देना चाहत हूं कि मैं सौभाग्यशाली था किशन 1990 में मैं भारतीय जनता पार्टी में इसलिए शामिल हो गया क्योंकि यही एक ऐसा दल था उस  समय कि जिसने अपने मेयर प्रत्याशी को हटवा दिया लेकिन पैसा पैसा देकर सभासदों को नहीं खरीदा मैं  अपने क्षेत्र के वोट को बेचना नहीं चाहता था अखिलेश दास मुझको खरीदना चाहते थे आपको बहुत आश्चर्य होगा कि मैं जैसा पत्रकार योगी और मोदी जी को अवतार क्यों कह रहा हूं भगवान का उसका बहुत बड़ा कारण है वास्तव आपको आश्चर्य होगा जानकर कि मुझको तन तथा कृपया विषय के अलावा पहले श्लोक के अलावा कोई गीत आ गया गया नहीं था में मैंने 70 साल तक धर्म का मामला नहीं समझा था बहुत रामायण कराई दर्जनों मंदिर बनाएं यहां तक कि दुर्गा गीता विद्यालय में पढ़ा लेकिन गीता का कोई ज्ञान नहीं था केवल गीता का प्रथम श्लोक तन तथा ही वह आज भी याद है रामायण तो लाखों जगह गया हजारों जगह गया लेकिन एक पन्ना भी नहीं पढ़ा था हां रामलीला वगैरह में और लोगों से सुन सुनकर धर्म को जानता था भोलेनाथ का मंदिर बनाया लेकिन फिर भी उनके बारे में पूरा नहीं जानता था हां मेरा भाग्य देखिए करो ना कॉल में लॉकडाउन हुआ अब 70 साल की उम्र में हार्ट अटैक के बाद बिस्तर पर पड़ गया हूं मुझे एक दान में टीवी मिल गया इस अवसर पर अचानक रामायण कृष्णा सीरियल शुरू हो गया मैंने पूरे लॉकडाउन भर में जो 70 साल में कमी थी धर्म की पूरी जानकारी कि वह प्राप्त कर ली सीरियल से जो मैंने प्रैक्टिकल जाना था जीवन भर में उसका चित्रांकन जो देखा धर्म का उससे मैं विज्ञान की बंद कुंडली खुल गई अब जीवन के अंतिम पड़ाव में बेईमानी तो आपसे करूंगा नहीं सच कहता हूं 70 साल के जीवन मैं एक बात कह सकता हूं स्पष्ट आपसे कि मैं इन राक्षसों के चंगुल से बहुत मुश्किल से जीवित बचा हूं आप मेरी माने या ना माने चाहे मुझे फांसी पर लटका दिया जाए मुझे चाहे एडवोकेट समझे मैंने वक्त एलएलबी की है चाहे मुझे सभासद समझे नेतागिरी की है या फिर 40 साल का प्रदेश का वरिष्ठ पत्रकार समझें मैं वरिष्ठ होने के नाते कह रहा हूं कि मोदी जी और योगी जी ने भारत में अवतार लिया है मैं इसलिए नहीं कह रहा हूं कि मुझको इन लोगों से कुछ चाहिए बल्कि यह कह रहा हूं दावे के कि देश प्रदेश और विश्व में पापी बहुत बढ़ गए थे पाप बहुत बढ़ गया था बिना भगवान के इसका अंत होना ही नहीं था आज की हालत आप खुद देख रहे हैं मिसाल के तौर पर उत्तर प्रदेश करुणा से कितना बचा हुआ है पूरी दुनिया से भारत इस बीमारी से कितना बचा हुआ है हम तो गरीब देश हैं दुनिया के बड़े बड़े अमीर और सक्षम देश आज इस बीमारी की चपेट में रो रहे हैं उनके पास किस चीज की कमी है हमारे पास क्या है मोदी और योगी दो साधु और उनके पास ईमानदारी के अलावा है क्या प्रदेश भी तरक्की कर रहा है देश की तरक्की कर रहा है यह सब बिना भगवान के ईश्वर के सहयोग के अलावा कैसे हो सकता है जब कहा गया है कि जब जब होई धरम की हानि भगवान पैदा होते तो क्या हम इनको भगवान नहीं मान सकते जिन्होंने साक्षात करोड़ों जिंदगियां बचा ली पूरी दुनिया देखती रह गई यही है सच्चाई इतने संकटकाल में देश की पूरी जनता क्यों साथ दे रही है जनता मोदी जी और योगी जी की मैं तो सोच रहा हूं और कल्पना कर रहा हूं कि भारत में इस समय राज का संभालने के लिए संविधान के अनुसार जनता से वोट लेकर बहुमत बनाकर संसद में और विधानसभा में बहुमत सिद्ध करके ही सत्ता हासिल की जा सकती है इस बार भगवान ने भारत के संविधान के अनुसार चुनाव लड़कर राजनीति करके सत्ता हासिल की और राक्षसों को हराया जिस प्रकार रामचंद्र जी ने रावण को युद्ध में हराया ठीक उसी प्रकार कृष्ण सहित तमाम अवतारों ने राक्षसों का वध किया या उन्हें परास्त किया पाकिस्तान चीन सहित देश के भीतर बैठे दैत्य कैसे समाप्त होते जा रहे हैं वैसे अब देश में पूर्ण शांति है ऐसा कभी सोचा भी नहीं था सन 2024 तक मोदी जी जीते जीते हैं 2022 में योगी जी प्रदेश में जीतेंगे अगले 5 वर्षों में यह दोनों भारत को विश्व गुरु बना के रहेंगे भारत को आत्मनिर्भर बना के रहेंगे और पूरी दुनिया देखेगी मैं आरडी शुक्ला यह  कल्पना करता हूं कि मैं कब तक रहूं या ना रहूं लेकिन हमारी आगे आने वाली पीढ़ी बच्चे निश्चित तौर पर इन राक्षसों से मुक्ति पा जाएंगे ठीक है हम लोगों ने 70 साल  प्रताड़ना सही मर जाएंगे लेकिन आने वाली पीढ़ी कम से कम सुकून से जिंदगी काट सकेगी न रोजगार की चिंता होगी ना पेट की जिस मारामारी में 70 साल गुजरे हैं उसका पूरा इतिहास कच्चा चिट्ठा में खोलूंगा धीरे धीरे और अंत में फिर आरडी शुक्ला मैं कहता हूं यह अवतार हैं मोदी और योगी लोग इतिहास में बड़े-बड़े स्वर्ण अक्षरों में पड़ेंगे सब लोग मुझे याद करेंगे और धर्म को स्वीकार करेंगे अभी तो राम मंदिर बनना शुरू हुआ है आप लोग तो रामराज भी देखेंगे हम लोगों की उम्र हो चुकी कोई पाप किया इस कारण लगता है रामराज नहीं देख पाएंगे आरडी शुक्ला द्वारा स्वयं के विचार