उत्तर प्रदेश पुलिस ने तो महिलाओं से अपराध करने वाले हर शख्स को जेल के भीतर पहुंचा दिया
December 3, 2019 • UPMA SHUKLA

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह आर डी शुक्ला द्वारा

हैदराबाद में पशु चिकित्सक की बलात्कार के बाद जलाकर हत्या किए जाने वाला सनसनीखेज मामला इस समय देश की सुर्खियों पर है संसद से लेकर सड़क तक लोग इस सत्य कांड को लेकर क्रोधित है अप पुलिस को कोस रहे हैं लेकिन यह सब लोग अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देख रहे हैं वैसे उत्तर प्रदेश पुलिस के बारे में जहां तक मेरी जानकारी है उसने महिलाओं के साथ होने वाले किसी भी उत्पीड़न के मामले में मंत्री से लेकर विधायक और नीचे तक कि किसी भी आदमी को 24 घंटे भी बाहर नहीं रहने दिया उसे जेल के भीतर भेज दिया इससे ज्यादा पुलिस के हाथ में है क्या जिनके हाथ में है वह क्या कर रहे हैं

प्रियंका रेडी कि दुष्कर्म के बाद हत्या ऐसा जघन्य अपराध है कि जिसकी जितनी जल्दी से जल्दी जितनी कठोर सजा मिले वह कम है अब बात हैदराबाद पुलिस की हो तो वहां के बारे में मैं नहीं जानता कि वहां की पुलिस क्या करती हो वह कितना एक्टिव है लेकिन एक बात मैं साफ करा रहा हूं जब से उत्तर प्रदेश पुलिस की कमान ओपी सिंह जी ने संभाली है तब से प्रदेश में ऐसा तो है नहीं कि 1 महिलाओं का उत्पीड़न नहीं हुआ या उनके साथ अपराध नहीं हुए खूब हुए लेकिन क्योंकि मैं 40 साल से नित्य प्रति अखबार के लिए काफी समय देता हूं और अपराध संवाददाता होने के नाते अपराध की खबरों पर विशेष ध्यान देता हूं तो जो मैंने देखा है इधर किसी भी महिला के साथ जब अपराध हुआ तो यूपी पुलिस ने 24 घंटे के अंदरअभियुक्त को जेल के भीतर भेज दिया वह नित्यानन्द हो पूर्व गृहमंत्री या वह कुलदीप सेंगर हो या फिर वह छोटे गांव के अपराधी हो या शहर के या कस्बे के अगर किसी ने किसी महिला के साथ दुराचार  दुर्व्यवहार किया उसको तत्काल पास्को एक्ट और जो भी उचि धाराओं में  पुलिस ने चालान करके जेल भेजा उनको फरार होने का मौका भी नहीं दिया इससे ज्यादा पुलिस क्या कर सकती है पुलिस के पास कोई ऐसा आईना नहीं है की घर के भीतर या पूरे शहर को एक साथ देख सके लेकिन प्रदेश भर में जिस तरीके से योगी जी कि सरकार आने के बाद ओपी सिंह जी ने पुलिस महानिदेशक पद का कार्यभार संभाला तब से ऐसा लगता है कोई बलात्कारी या दुराचारी हरकत करने के बाद 24 घंटे जेल के बाहर नहीं रह पाया पाया इस बात की गारंटी तो मैं ले सकता हूं नित्य प्रति अखबार पढ़ता हूं हां हरकत हुईदुराचारी तुरंत गिरफ्तार हुआ जो पुलिस का काम थापुलिस के पास और कितने काम है और कितने तरह के अपराध है पुलिस को दोष देना पुलिस को बुरा कहना सर्वसाधारण का आजकल गुण हो गया अगर वह पुलिस को गालियां नहीं देता है तो वह काबिल व्यक्ति नहीं कहा जाएगा लेकिन जो भी समझदार व्यक्ति है वह इस मामले में पुलिस की लापरवाही नहीं कहेगा उसका साफ कारण है हमारा समाज बदल रहा है स्मार्टफोन नेट इतनी तेजी से कक्षा 1 से लेकर ऊपर तक के बच्चों को इस तरीके से बिगाड़ रहे उन लोगों को जो फोन से बर्बाद हो रहे हैं खुली नंगी फोटो देख रहे हैं अश्लील वीडियो इधर से उधर कर रहा है उनको कौन सुधरेगा यह काम समाज का है घर का है घर के भीतर का है स्कूल का है कॉलेज का है ना कि पुलिस का तो फिर आरोप पुलिस को क्यों देते हैं कोई भी अपराध होता है पुलिस अपराधी को गिरफ्तार करके अदालत भेज देती है वहां से जेल चला जाता है वह उसके बाद सजा किसको देनी है अदालत को अदालतें क्या कर रही हैं हां कहा जा सकता है कि अदालतें मुकदमों के बोझ से ऐसा दब गई है कि वहां महत्वपूर्ण मुकदमों में भी फैसला नहीं दे पा रही है आखिर अब दोष किसका किसका है पुलिस का सबसे सस्ती पुलिस मिलती है जो समाज अपराधियों से बचाती है दिन रात ड्यूटी करती है 24:00 24 घंटे बिना खाए पिए अपराधियों को पकड़ने के लिए दौड़ती रहती है और अंत में सारा दोष उसी पर मार दिया जाता है आखिर ऐसा क्यों हो रहा है क्या वह हमारे समाज के हिस्से नहीं है बाकी खराबी तो हमारे घर के भीतर से शुरू हो गई घर के भीतर ही से समाज वन बिगड़ रहा है हम घर के भीतर संभाल नहीं पा रहे हैं और दोष देने लगते हैं पुलिस को उनको क्या मालूम रहता है कि कहां पर क्या होने वाला है लेकिन होने के बाद सबसे ज्यादा एक्टिव और सबसे ज्यादा चुस्त-दुरुस्त कौन होता है अपराधी को कौन पकड़ता है कोई अपराधी आज तक फरार तो हो नहीं पाया और इक्का-दुक्का ही कुछ दिन फरार रहते हैं वह विवाद में पकड़ जाते हैंउनको आगे पीछे पुलिस कहीं ना कहीं से खोज ही लाती है तो फिर आखिर पुलिस दोषी क्यों है पुलिस को दोष दे देकर हम लोगों ने उनके मनोबल को आज इतना गिरा दिया है अगर आप पुलिस के साथ बैठकर उनके दुख को सुनें तो आपके होश फाख्ता हो जाएंगे कि वह किस असहज स्थिति में समाज की रक्षा कर रहे हैं उसके बावजूद हम आप उनको बुरा भला कहने में जरा भी नहीं सोचते बहुत अच्छी दिशा नहीं है आने वाला कल इतना बुरा होने वाला है आप वह दिन देखेंगे कि जिसको देखकर आपको तो घृणा पैदा ही होगी पूरा समाज घृणित हो हो जाएगा अगर जिस हाल में आज नेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल खुलेआम गंदी चीजों को देखने के लिए हो रहा है अपराध के लिए हो रहा है जब उसका विस्फोट होगा शायद आप सहन नहीं कर पाएंगे तो फिर  आप उस हालात पर काबू भी नहीं पाया जा पाएगा पुलिस का तो उसमें कोई रोल भी नहीं है छोटे-छोटे बच्चों को फोन  आप लोग दिलवा देते हैं पूरा परिवार बैठ के साथ में सारी चीजें देखता है तो ऐसी हालत में पुलिस पर क्यों लांछन लगाते हैं क्या यह सबपुलिस करवा रही है उत्तर प्रदेश पुलिस किस कांड और किस हरकत में अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया या उनको सजा दिलवाने के लिए जेल नहीं भेजा अदालत की प्रक्रिया ठीक करवाने के लिए लड़ाई लड़ी जाए तो कुछ अच्छा लगेगा लेकिन वहां पर हमारे अधिवक्ता गण किस तरह खुले रूप से बचाव पक्ष की ओर खड़े हो जाते हैं और अंतिम मुकदमा भी छुड़वा लेते हैं पुलिस कुछ बोलती है तो मार खाती है जगह जगह पर पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं क्या हमारे पुलिस की इसी तरह इज्जत बढ़ेगी यह उनको जलील कर करके हम कितना नीचे गिरा रहे हैं उनका  जो कुछ भय बना था वह तो हम  खत्म करते जा रहे हैं अब जरा नीचे की फोटो को देखें वह क्या कह रही है यह फोटो तो एक बानगी भर है इससे ज्यादा उदाहरण क्या दे सकते हैं सोचना हमारे बच्चों को और सबसे पहले हमको को भी पड़ेगा हमारी महिलाओं को पड़ेगा  कि हम भारत को क्या बनाना चाहते हैं हम उस खतरनाक विस्फोट से बचने के लिए अपने पुलिस वालों के मन में मनोबल को बढ़ाओ अपने पुलिस वालों के मनोबल को गिराकर हमको कुछ नहीं मिलेगा हम लोग भी अपराध संवाददाता थे पत्रकार है आज 70 साल के हो चुके हैं इस तरह के हालात कभी नहीं देखे कि पुलिस को मारपीट कर पुलिस का मनोबल गिरा रहे हैं है और पुलिस से ही सहायता मांगे वैसे हमारी उत्तर प्रदेश पुलिस पुरजोर ढंग से प्रदेश की कानून व्यवस्था उसमें चाहे महिलाओं का अपराध हो चाहे पुरुषों का अपराध हो उस पर पूरी तरह काबू पा चुकी है हमारे उत्तर प्रदेश पुलिस में इतना दम है कि अगर उसको जनता पूरी तरह दोस्त बनाकर सहयोग करें तो निश्चित तौर पर समझ लीजिए हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ कार्य कर रहे पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह इतने सक्षम व्यक्ति हैं कि वे प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने में पहले भी सफल रहे और आगे भी सफल रहेंगे