योगी जी के खिलाफ वीडियो जारी करना और पुलिस के खिलाफ बोलना कमलेश तिवारी के लिए जानलेवा हो गया अपराधी योगी जी के नाम से कांप रहा है यूपी पुलिस के नाम से थर्रा रहा है बस यहीं पर गलती हो गई कमलेश जी से
October 26, 2019 • UPMA SHUKLA

आर डी शुक्ला द्वारा विशेष

मैं पिछले 30 दशकों से अपराध संवाददाता का काम यानी क्राइम रिपोर्टर का काम प्रदेश के सबसे बड़े अखबार सतन भारत में कर रहा हूं और तब से आज तक मैंने कमलेश तिवारी हत्याकांड जैसा मामला नहीं देखा और ना ही इतनी लापरवाही या देखी आपको मालूम है कि हम भारत जैसे लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश में रह रहे हैं यहां किसी भी धर्म की और किसी भी भगवान की कभी आलोचना नहीं की जाति हम धर्मनिरपेक्ष देश में स्वतंत्र रूप से रह रहे हैं जिस भगवान को चाहे जिस धर्म को चाहे जिस मंदिर मस्जिद गिरजाघर को चाहे वहां मत्था टेक सकते हैं सरकार हमारा कुछ नहीं कर सकती आज भी जो सरकार है वह भारत के संविधान से चल रही है शपथ लेकर योगी जी और मोदी जी सरकार चला रहे हैं वह कोई विशेष नहीं है लेकिन हमारा भी फर्ज बनता है कि हम किसी भी धर्म विशेष या किसी किए धार्मिक भावनाओं को ठेस ना पहुंचाएं हम स्वतंत्र हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम राजनीति के कारण और अपने को ऊंचा उठाने के लिए किसी भी धर्म या उसके मुखिया या उसके भगवान पर जब चाहे टिप्पणी कर दे यह अनुचित है ऐसा कभी नहीं होता इस तरह का मामला मैं अपने 50 वर्ष की पत्रकारिता में और 70 साल की उम्र में पहली बार देख रहा हूं आखिर यह हुआ क्यों उसके भी तो कारण है चलिए मीडिया ने बहुत कुछ किया लेकिन यह सोचिए कि आज आदमी राजनीत और उसमें नाम कमाने के लिए किस हद तक चला गया है ना किसी के भगवान को समझता है और ना किसी के धर्म को अगर समझना है तो वह सरकार समझे अगर कुछ सोचना है तो पुलिस समझे लेकिन आप सोचे हैं सरकार को देश में 130 करोड़ लोगों को अब प्रदेश में 30 करोड़ लोगों को सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करनी है और पुलिस की संख्या कितनी है यह आप अच्छी तरह जानते हैं प्रदेश के मुखिया को समस्याएं कितनी है यह भी आप जानते हैं पहले कम लोग होते थे सब कुछ मुखिया समझ लेता था लेकिन आज प्रदेश और देश की समस्याएं इतनी ज्यादा है की पूरी तरह से समझना मुखिया के लिए एक असंभव सा कार्य होता है व्यक्तिगत तौर पर तो वह देख भी नहीं सकता प्रशासनिक तौर पर चूक तो हो ही जाती है वही चूक कमलेश तिवारी में हुई जिसको वह भी न समझ पाए मुझे याद है एक बार 1981 में बीपी सिंह जब मुख्यमंत्री थे तब अपराधियों पर उन्होंने जिस तरह गोलाबारी करवाई थी और अपराधी और डकैत उस समय मैदान छोड़कर भाग गए थे आज योगी जी के राज में ठीक उससे और गंभीर स्थिति है अपराधी उनके नाम से भाग रहे हैं उत्तर प्रदेश में पैर नहीं रख पा रहे हैं या तो जेल में है या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं यह मारे गए ऐसी स्थिति में हमारी यूपी पुलिस ने जो कार्य किया है उससे अपराधी इतना घबराया है की आवाज उसकी हालत खराब है यहां पर कमलेश तिवारी जी ने जो मेरा विश्लेषण है मैं कोई उनकी आलोचना नहीं कर रहा हूं बहुत बड़ी गलती की जो उन्होंने वीडियो जारी करके अपने ही माननीय मुख्यमंत्री योगी जी के खिलाफ अपनी हत्या का आरोप लगा दिया और अपने ही पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया आप देखें उसका परिणाम अपराधियों ने उस वीडियो का भरपूर फायदा उठाया उनको यह अच्छी तरह मालूम हो गया यह समय उनके लिए बहुत महफूज है वीडियो के अनुसार अपराधियों की बचत हो रही है और राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से बनाए गए कमलेश जी के वीडियो से योगी जी कटघरे में खड़े हैं बस इसी मौके का फायदा उठाकर हत्यारों ने उनके खिलाफ कदम उठाने की सोच ली आखिर इतने दिनों से उनकी हिम्मत उत्तर प्रदेश में आने की क्यों नहीं पड़ी क्योंकि उनकी चूल्हे हिली हुई थी यहां की पुलिस से और योगी महाराज से वह जानते थे यहां से बचके नहीं जाएंगे और हमारे कमलेश जी ने अपने राजनीतिक उद्देश्य के हिसाब से नाम कमाने के लिए योगी जी को निशाना बना दिया बस इसका फायदा उठाकर अपराधी उत्तर प्रदेश में घुसा है और फिर कमलेश जी लगातार उनके संपर्क में रहे कहीं भी उन्होंने जानने की कोशिश नहीं की कितना बड़ा खतरनाक फतवा उनके खिलाफ जारी है हत्यारों को उन्होंने घर बुलाने का न्योता दे दिया और अपने पुलिस वालों और प्रशासनिक लोगों के खिलाफ वीडियो चला दिया बस इसी मौके की तलाश में हत्यारे थे नहीं तो सालों से इंतजार क्या कर रहे थे व्यक्ति यहां से बचकर नहीं जा सकते थे आजादी के बाद से आज तक तो ऐसा केस नहीं हुआ कि आराम से चलते हुए हत्यारे आए आराम से चले गए अब अखिलेश जी की गलती थी कि उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को यह भी हिदायत नहीं दी थी कि वह समय से आए और नहीं आ रहे थे तो कम से कम सरकार से व्यक्तिगत रूप से उनकी शिकायत करते इन सब करवाया करने की जगह वे सीधे-सीधे राजनीति पर उतर आए और प्रदेश के मुखिया और पुलिस को निशाना बनाने लगे मैं 70 साल का हो गया हूं जिसमें से 50 साल पत्रकारिता के थे गुजरे और 30 साल अपराध संवाददाता के मैंने सैकड़ों हत्यारे देखें हत्या ए देखी तरह तरह के अपराधी देखें लेकिन कहीं ऐसा नहीं देखा कि यह हत्यारों को खुद ही घर बुलाने का न्योता दिया जाए और अपनी सुरक्षा के लिए एक व्यक्ति भी को लाइसेंस दिलवाकर साथ ना रखा जाए ऐसा तो था नहीं कि कोई सरका र उनको एक लाइसेंस ना दे देती क्योंकि उनके बारे में अखिलेश यादव के टाइम से सब जान रहे थे उस समय तो उनको 10 गनर दे दिए गए लेकिन बाद में किसी ने उनका कोई ख्याल नहीं रखा उसके बाद आ गई योगी सरकार वह ध्यान क्या देती रेवाड़ी की तरह तो सुरक्षा बढ़ा दी गई थी अखिलेश यादव के टाइम मैं हर आदमी के पास सिपाही दरोगा सुरक्षा में लगा दिए गए थे थाने खाली हो गए थे पुलिस वालों की जो हालत है वर्तमान जनसंख्या के हिसाब से सभी को मालूम है योगी सरकार ने आकर पुलिस विभाग की समीक्षा की उसने देखा वह वजह लोगों को सुरक्षा मुहैया कराकर अवैध कार्य करवाए जा रहे हैं ऐसी हालत में योगी महाराज ने जबरन सुरक्षा मुहैया कराए  गए लोगों से सुरक्षा वापस ली और उन पुलिसकर्मियों को थानों में भेजा जहां से समाज और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्थित होना शुरू हुई अगर कमलेश जी को कोई ऐसी परेशानी उत्पन्न हुई थी तुम्हें हिंदू समाज के लीडर थे तुरंत जाकर योगी जी से मिलते और अपना पूरा विवरण देते प्रार्थना पत्र पर या थाने पर कहने से 30 करोड़ की आबादी में व्यवस्थाएं नहीं सुधरा करती वह इतने बड़े पद पर भी नहीं थे क्यों उनके बारे में योगी जी या पुलिस वाले अपनी तरफ से ध्यान देते या यू कहां जाए उनसे चूक हो गई तो कमलेश जी इतना बड़ा संगठन चला रहे थे गुजरात पुलिस से उनको मालूम भी हो चुका था कि उनकी जान को खतरा है फिर वह गुजरात के लोगों से सावधान क्यों नहीं हुए उनको वहां से पूरी तरह अलर्ट रहना चाहिए था चलिए अचूक इंसान से होती है लेकिन यह कहना कि प्रदेश का योगी जैसा मुखिया उनकी हत्या करवा देगा हास्यास्पद के अलावा और कुछ नहीं है या राजनीतिक खेल लेकिन योगी जी और कमलेश जी में राजनीति में भी बहुत दूरी का रिश्ता है योगी जी के सामने कमलेश जी का कोई अस्तित्व नहीं था राजनीति में योगेश जी को कोई जरूरत नहीं थी जो उनके ऊपर हाथ भी डालते लेकिन कमलेश जी ने अपने अंतिम वीडियो में भी योगी जी को और उत्तर प्रदेश पुलिस को गुनाहगार बनाया बस गलती यही पर हो गई उनसे और जिसका फायदा हत्यारों ने पूरी तरह उठाया उनका वह वीडियो निश्चित तौर पर उन्होंने देखा और उसी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से भयभीत इन कट्टरपंथी हत्यारों ने कमलेश जी को घर में घुसकर मारने की ठान ली आप सोचें कि आखिर जब हत्यारे प्रदेश में टहलते रहे लेकिन फिर भी उनकी हिम्मत प्रदेश के पुलिस के सामने टकराने की हिम्मत नहीं पड़ी क्योंकि वह जानते थे कि वह योगी जी की पुलिस का सामना नहीं कर पाएंगे गोली खाएंगे यहां अपराधियों का यही हो रहा है जिस योगी महाराज को कमलेश जी ने बुरा भला कहा उसी योगी महाराज ने उनके पूरे परिवार को बैठाकर उनके आंसू पोछे घर दिया पैसा दिया इसलिए नहीं कि वह योगी जी से बड़े हिंदू नेता थे इसलिए कि योगी जी संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं वह धर्म की सत्ता चला रहे हैं उन्होंने उनके परिवार का दुख समझा इसी तरह उन्होंने विवेक तिवारी के परिवार की मदद की इसी तरह उन्होंने तमाम और दुखियों के कष्ट के समय मदद की यहां तक कि मैं हृदय रोग से पीड़ित हो गया था मेरे पास पैसे नहीं थे योगी जी से गुहार लगाई उन्होंने मेरा इलाज करवाया पैसा दिया ऐसे संवेदनशील योगी महाराज के मुख्यमंत्री काल में उनको दोषी देना ही कमलेश तिवारी के लिए घातक हो गया हत्यारों को सहारा मिल गया कि यह व्यक्ति योगी जी के ही खिलाफ बोलेगा इसका परिवार बोलेगा और यही हुआ भी इसी सह के कारण वे हत्यारे लखनऊ तक आ गए और उनके घर में घुसकर उनकी हत्या गला रेतकर बड़े आराम से करके निकल गए अगर कमलेश ने वह वीडियो जारी ना किया होता योगी जी के खिलाफ और उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ तो शायद हत्यारे उत्तर प्रदेश में घुसने की हिम्मत ना करते घर के भीतर तो सोच भी नहीं सकते थे फिर आखिर घर के भीतर बुलाया किसने उसने योगी जी और यूपी पुलिस का क्या दोष है यहीं पर कमलेश जी ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए योगी जी और यूपी पुलिस को जो निशाना बनाया वही उनके लिए जानलेवा साबित हो गया कोई भी मुख्यमंत्री और योगी जी जैसा या पुलिस वाला इन कट्टरपंथियों को अपने घर में नहीं आ कर इतना बड़ा कृत्य करने देता यह कमलेश तिवारी को पहले भी सोचना चाहिए था लेकिन उन्होंने आजादी के बाद से जो मुख्यमंत्री देखे थे ठीक उसी तरह का योगी जी को भी सोच लिया आखिर आप सोचें कुल मिलाकर जो खबरें बता रही है उसके अनुसार हत्यारे उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले क्यों नहीं आए और जब आने का मौका आ रहा था तो उनके घर वालों ने गुजरात क्यों बुला लिया क्योंकि यहां उनको तुरंत सजा मिलती यहां वह आराम से हवाई जहाज से नहीं आ सकते थे वह कब्रिस्तान पहुंचा दिए जाते यहां योगी महाराज का राज था इस तरह कमलेश जी ने बहुत गलतियां की मैं तो सभी को कहता हूं कि अपने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उत्तर प्रदेश पुलिस पर पूरा विश्वास करें प्रशासन पर विश्वास करें आप कभी धोखा नहीं खाएंगे और अगर आप इधर-उधर भटके गे राजनीत करेंगे तो निश्चित तौर पर धोखा खाएंगे कमलेश जी के वीडियो ने ही उनकी जान ले ली आम जनता से मेरी अपील है कि वे शासन प्रशासन पर विश्वास रखें सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो लोड करने से पहले अपने प्रदेश के मुखिया और पुलिस पर विश्वास करें धन्यवाद