योगी जी से घबराकर बौखलाहट में करवाई गई है कानपुर की यह घटना जल्दी बेनकाब होंगे साजिशकर्ता आरडी शुक्ला की कलम से
July 4, 2020 • UPMA SHUKLA

 बीती रात कानपुर देहात में हुई घटना के पीछे का राज बहुत गहरा षड्यंत्र लग रहा है ऐसा लग रहा है कि  योगी जी के विरोधी लोग उनके बढ़ते कद को देखकर बौखला गए हैं वे  लोग प्रदेश देश और विदेश तक योगी द्वारा अर्जित की जा रही  छाती से बहुत घबरा गए हैं हर तरह से विरोध करके यह लोग देख चुके हैं लेकिन वे असफल ही साबित हुए हैं कहीं पर भी योगी जी ने इन विरोधियों को रुकने नहीं दिया वह मामला चाहे विकास का हो चाहे महामारी के बचाव का कार्य या अपराधियों के खात्मे का अभियान हो योगी जी हर तरह से सफल हो रहे हैं प्रदेश की जनता  के भले के लिए वह 24 घंटे तत्पर रहते हैं उनके राज में माफियाओं अपराधियों का पूरी तरह सफाया हो रहा है उसी का कारण है   उनके विरोधी उनके ऊपर कोई आरोप नहीं लगा पा रहे है तो आखिर क्या करें वे केवल ऐसी घटना  ही करवा कर योगी जी के खिलाफ प्रदेश में माहौल खड़ा करना चाहते हैं लेकिन ऐसा संभव नहीं है योगी जी के 3 साल के कार्यकाल में अब तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ जिससे जनता उनसे दुखी होती यह सब हालात देखकर विरोधियों के पसीने छूट रहे हैं ज्यादा तर्क देना तो ठीक नहीं लेकिन यह सत्य है योगी जी जैसा मुख्यमंत्री शायद ही उत्तर प्रदेश को कभी मिला हो इतना ईमानदार साफ सुथरा साधु सुंदर छवि से प्रदेश और देश की सेवा कर रहा है ऐसे में विरोधियों के पास उनके खिलाफ कहने को कुछ है ही नहीं इस महामारी के बीच योगी जी ने जिस तरह प्रदेश को बचाया श्रमिकों को रोजगार दिया प्रदेश में उनको स्थान दिया यह देश के लिए एक उदाहरण है इन सब चीजों को देखकर और उनके कार्यों को देख कर ही मोदी जी ने उनकी खुलकर तारीफ की चारों ओर जनता उनके जयकार कर रही है यह चंद विरोधी लोग यह सहन नहीं कर पा रहे हैं किसी तरह विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं   खुलकर कोई मुद्दा भी नहीं है यह  मुद्दा खोज  रहे हैं सो मिल नहीं रहा बहुत परेशान थे बहुत दिनों से इनके जितने अपराधी से से हैं वह या तो जेल में सड़ रहे हैं या फिर देश छोड़कर भाग गए हैं पुलिस को खुली छूट है बस बचा क्या था बड़े अपराधियों का सफाया पूरब में तो कहीं कोई माफिया अपराधी बचा ही नहीं है जो पुलिस का शिकार ना हो गया हो बस एक ही क्षेत्र बचा था प्रदेश का कानपुर देहात से लेकर जौनपुर एटा मैनपुरी आगरा तक इस क्षेत्र में विरोधियों का गढ़ है क्षेत्र अपराधियों से भी पड़ा हुआ है यही चंबल इटावा से शुरू हो जाता है जालौन भी कानपुर देहात का बीहड़ी कहा जाएगा यहां पहले भी कुख्यात डकैत हुआ करते थे इसी क्षेत्र में यह  विरोधी तत्व खुराफात करवा भी सकते थे निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश पुलिस बहुत ही उत्तम कार्य कर रही थी इस समय क्योंकि योगी जी का उनको पूर्ण समर्थन था इसी के चलते अब इधर उस तरफ भी अपराधियों पर कार्रवाई शुरू हुई थी इस बीच करो ना बीमारी की दस्तक की वजह से योगी जी और उनकी पुलिस लोगों की जान बचाने में लग गई  हुई थी योगी जी प्रदेश के विकास के साथ-साथ देश भर से आए प्रवासी श्रमिकों के रोजगार के संबंध में व्यस्त हो गए थे और होते भी क्यों नहीं वह उनका प्राथमिक कार्य था योगी जी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने मानवता का वह परिचय दिया कि  50 लाख से ऊपर प्रदेश में आए श्रमिकों  को प्रदेश में आश्रय दिया उनको खाना पानी दिया रोजगार देने जा रहे हैं इससे विरोधी बौखला गए हैं परेशान हो गए हैं कि अगर योगी जी यहीं इसी तरह चलते रहे तो उनके राजनीति का क्या होगा कोई यह समझे ना समझे जब जांच होगी तो सब बेपर्दा हो जाएगा कि किस तरह विपक्षियों के  सारे अस्त्रों को योगी जी ने बेकार कर दिया उसके बाद योगी जी की हर तरफ वाहवाही होने के चलते यह घबराए लोग और कर ही क्या सकते हैं इनके पास पैसा है रुपया है अपराधी हैं यह उनके सहारे के बगैर अब इस षड्यंत्र में कल सफल हुए और हमारे आठ जांबाज  जांबाज पुलिस वालों को विकास दुबे के मार्फत मरवा कर प्रदेश का माहौल खराब करने की योजना बना बैठे विकास दुबे तो सिर्फ इनका मोहरा है  पर्दे के पीछे अभी जो जांच पड़ताल के बाद नाम निकल कर आएंगे उसे आप चौक जायेंगे वह वही लोग हैं जो हमेशा से जनता का शोषण करते रहे सत्ता में रहकर पैसे की लूट करते रहे जनता का पैसा खाते रहे और अब जब एक साधु इमानदारी से संवेदनशीलता के साथ शासन चला रहा है तो उसके पीछे पड़े हुए हैं लेकिन मैं जानता हूं मैंने भी पिछले 40 वर्ष इन अपराधियों से मोर्चा लिया है पत्रकारिता की है वह भी अपराध संवाददाता बनकर सबसे बड़े अखबार स्वतंत्र भारत में जिस कानपुर देहात और उसके बाद बीहड़ों में क्या-क्या कार्य नहीं हुए एक बार तो इससे  बड़े-बड़े कांड हुए तब सरकार भी तो कांग्रेस की थी एटा जिले के अलीगंज थाने में घुसकर कुख्यात डकैत छविराम में तमाम पुलिस वालों को मार कर हथियार लूट लिए थे थाने के भीतर से इसके अलावा भी मैनपुरी और उसके बीहड़ों में लगातार पुलिस से मुठभेड़ में होती रही तमाम पुलिस वाले शहीद हुए आज जिस तरह का कांड हुआ है वह फिर वही 80 पचासी के  के समय की याद दिला रहा है जिस समय प्रदेश में कांग्रेस का शासन था बुरी तरह पुलिस वहां रोज मारी जा रही थी ठीक उसी तरह बीती रात हमारे 8 जांबाज पुलिस वाले शहीद हो गए लेकिन यह तय है किन पुलिसवालों पर हाथ डालने वाले और अपराधियों को शह देकर हथियार देकर गोली चलवा ने वाले लोग योगी शासन है और मोदी जी के प्रधानमंत्री रहते ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगे उसका कारण है जनता योगी जी और मोदी जी को बहुत चाह रही है और अगर जनता तय कर लेगी तो एक विकास दुबे नहीं हजारों विकास दुबे ढेर कर दिए जाएंगे और ab अब इन राक्षसों के अंत का समय बहुत करीब है जरा इस मामले की जांच बढ़ने दीजिए देखिए कितने नेता अभिनेता के चेहरे से नकाब उतर जाएगा तमाम लोग पकड़े जाएंगे क्योंकि मैं जानता हूं योगी जी जब तक  इस घटना को अंजाम दिलवाने वाले मुख्य षड्यंत्रकारी को सजा नहीं दिलवा लेंगे तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे ऐसा उनका पुराना इतिहास है प्रदेश में हिंसा करने वालों के जड़ तक पहुंच गए थे योगी जी और उनके घर तक कुर्की करवाने वाले योगी जी इतनी बड़ी घटना के अभियुक्तों को भला कैसे छोड़ सकते हैं जिस विकास दुबे के घर तक पुलिस जाति नहीं थी वहां पर पुलिस ने मोर्चा ली अपनी शहादत दी तो फिर यह कैसे मान लिया जाए कि अब हमारी उत्तर प्रदेश पुलिस अपने आठ साथियों के शहादत को ऐसे ही भूल जाएगी वह  अब तक षड्यंत्र कर्ताओं के करीब पहुंच चुकी होगी कब उनका नंबर आ जाए कहा नहीं जा सकता कल हुई कानपुर की घटना  पूरी तरह सुनियोजित षड्यंत्र है और इसका राज योगी महाराज खोल के रहेंगे जनता को तभी शांति मिलेगी जब इस घटना को अंजाम दिलवाने में शामिल पर्दे के पीछे बैठे उनके आका भी जेल के भीतर होंगे मैं वहां नहीं हूं नहीं मुझे कोई आधिकारिक सूचना है लेकिन अपने पिछले अनुभव के के आधार पर बता रहा हूं अभी तक योगी जी ने बहुत बर्दाश्त किया अब अगर अपराधी सीधा सरकार को चेतावनी देंगे पुलिस पर गोली चलाएंगे तो योगी मोदी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी आप देखेंगे जल्दी प्रदेश में बचे कुचे माफिया अपराधी और उनके बड़े आका जो अब तक चुप्पी साध के किनारे बैठे हुए थे एक एक कर मारे जाएंगे धोखा देकर तो कोई किसी के साथ घटना कर सकता है हमारे पुलिस वाले भी इसी में धोखा खा गए और जान गवा बैठे लेकिन अब एक बात मैं कहना चाहूंगा पुलिस के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और उसके ऊपर बहुत बड़ा खतरा है उसको कतई लापरवाही नहीं करनी चाहिए और हमेशा उसे सावधान चौकन्ना रहना चाहिए यहां तक की उसको फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहिए वैसे हमारी बहादुर पुलिस इस बार मैं तो खा गई लेकिन आगे आने वाले समय में देखिएगा यही पुलिस जिसने  पूरे बीहड़ को डकैतों से साफ कर दिया वह जल्द ही इन चंद अपराधियों का खात्मा करके दम लेगी लेकिन मैं चाहता हूं इस घटना के पीछे के लोग भी जो भी लोग साजिश में है वह जल्द ही सलाखों के पीछे हो तभी शहीद पुलिस वालों की आत्मा को असली शांति मिलेगी